उद्यमिता ओरिएंटेशन प्रशिक्षण कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को दिए सफलता के मंत्र

Hill Horizon Desk
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रिपोर्ट विनोद गंगोटी।

धर्मानन्द उनियाल राजकीय महाविद्यालय, नरेन्द्रनगर में दिनांक 7 अगस्त, 2026 को एक दिवसीय उद्यमिता ओरिएंटेशन एवं जागरूकता प्रशिक्षण कार्यकम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में उद्यमिता के प्रति जागरूकता विकसित करना तथा उन्हें स्वरोजगार एवं स्टार्टअप के अवसरों से परिचित कराना था। कार्यशाला में देवभूमि उद्यमिता योजना के जिला समन्वयक दिग्विजय सजवान ने मुख्य वक्ता के रूप में प्रतिभाग किया।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता दिग्विजय सिंह सजवाण, परियोजना अधिकारी, देवभूमि उद्यमिता योजाना, टिहरी गढ़वाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में युवा केवल नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाले उद्यमी बन सकते हैं। उन्होंने नवाचार, नेतृत्व क्षमता, जोखिम उठाने की मानसिकता तथा व्यवसाय की योजना बनाने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि आॅफबीट गावों, रागी, भीमल शैम्पू, डिजिटल सुरक्षा उपकरणों इत्यादि के माध्यम से उद्यमिता की भावना प्रेरित करना इस कार्यक्रम का उद्देश्य है। साथ ही विद्यार्थियों की उद्यमिता के प्रति अभिरुचि को ध्यान में रखते हुए उनका मूल्यांकन भी किया गया, जिससे उनकी उद्यमशील क्षमता और रुचि का आकलन किया गया जिसमें आफिया, हिमांशी, आशीष पुण्डीर ने उत्कृष्ट स्थान प्रदान किया।

योजना के नोडल डाॅ0 संजय महर ने स्टार्टअप इकोसिस्टम, सरकारी योजनाओं, वित्तीय सहायता, नवाचार एवं आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा पर भी विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। संवादात्मक सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने उद्यमिता से जुड़े अनेक प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने व्यावहारिक उदाहरणों के साथ समाधान किया। उन्होंने छात्र-छात्राओं को उद्यमिता के महत्व, स्वरोजगार के अवसरों तथा सफल उद्यमी बनने के लिए आवश्यक कौशलों की विस्तृत जानकारी दी।

कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य डाॅ0 विजय नेगी ने वक्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों में उद्यमशील सोच विकसित करने तथा उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। डाॅ0 नेगी ने उत्पादों पर आधारित रोजगार एवं स्वरोजगार की संभावनाओं पर भी प्रकाश डालते हुए युवाओं को स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में डाॅ0 सोनी, डाॅ0 भारती, डाॅ0 आशा के साथ ही कर्मी शिशुपाल, अजय, विशाल के साथ ही लगभग आयुषी गंगोटी सहित 50 से अधिक छात्र-छात्राओं एवं संकाय सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

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